शराब पीना कैसे छोड़ें या शराब कैसे छुड़ाएं ?

शराब छोड़ना एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन सही मानसिकता और समर्थन से इसे हासिल किया जा सकता है। शराब छोड़ने के लिए आप यहां कुछ कदम उठा सकते हैं।

शराब पीना कैसे छोड़ें या शराब कैसे छुड़ाएं ?
सल्फर से शराब कैसे छुड़ाएं?, दारू कैसे छुड़ाए घरेलू उपाय, पति की शराब छुड़ाने की दवा, शराब छुड़ाने का रामबाण उपाय इस तरीके को अपनाकर देखे

पोस्ट के बीच में आपको शराब छुड़ाने या छोड़ने का ऐसा रामबाण तरीका बतायूंगा जो की खुद मेने try किया हुआ है, और 100% सफल हुआ।

लक्ष्य निर्धारित करो –

एक लक्ष्य तय करें, जैसे कि एक निश्चित अवधि के लिए या पूरी तरह से शराब छोड़ना, और खुद के लिए एक नियम बनाएं।

सहयोग मांगें –

शराब छोड़ने के अपने फैसले के बारे में अपने दोस्तों और परिवार से बात करें और उनका सहयोग मांगें।

दिमाग को तैयार करे –

किसी सहायता समूह में शामिल होने या चिकित्सक या व्यसन विशेषज्ञ से पेशेवर सहायता लेने पर विचार करें।

लत की लहर से बचें-

लत की लहर की पहचान करें जो आपको पीने के लिए प्रेरित करती हैं और जितना संभव हो उस समय कुछ और खा पी ले। वैकल्पिक पेय पदार्थ, जैसे कि पानी या हर्बल चाय, और स्वस्थ स्नैक्स उपलब्ध कराकर क्रेविंग के लिए आगे की योजना बनाएं। अपना समय व्यतीत करने के लिए अन्य गतिविधियाँ खोजें और पीने की ललक से खुद को विचलित न होने दे ।

मुकाबला करने की रणनीति विकसित करें –

तनाव और भावनाओं से निपटने के स्वस्थ तरीके सीखें, जैसे व्यायाम, ध्यान या शास्त्रों को सुनना, पढ़ना इत्यादि । चिंता कम करने के लिए श्रीमद भागवदपुराण अवश्य पढ़े।

दवा पर विचार करें –

दवाओं के बारे में डॉक्टर या व्यसन विशेषज्ञ से परामर्श करें जो क्रेविंग या वापसी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

अपनी सफलता का जश्न मनाएं-

अपनी प्रगति के लिए खुद को पुरस्कृत करें और अपनी सफलताओं का जश्न मनाएं, चाहे वह कितनी ही छोटी क्यों न हो। यह आपको एक स्वस्थ, शराब-मुक्त जीवन शैली की ओर अपनी यात्रा जारी रखने के लिए प्रेरित करने में मदद करेगा।

 


शराब छुड़ाने का रामबाण उपाय –

यहाँ मैं वो तरीका बताता हूँ वो हर पत्नी या पति कोई भी अपना सकता है, साथ ही साथ आपको सनातन धर्म का चमत्कार खुद अनुभव भी कर सकते है।

मैंने भगवान् से प्रार्थना की –
“हे! प्रभु, गजराज के कष्ट हरने वाले मेरे स्वामी ! कुछ ऐसा करो कि मेरी पीने की इच्छा समाप्त हो जाए। वो भी अगर पीते-पीते अगर ऐसा हो जाये तो बड़ी कृपा होगी। क्युकी अपने पर कण्ट्रोल रखना शायद घुट घुट के जीने जैसा होगा। “

दिन गुजरते गए।
गुजरते गए।

धीरे-धीरे भगवान के बारे में जानने की इच्छा पैदा होने लगी।

श्री अमोघलीला प्रभु जो इस्कॉन मंदिर में सेवा करते है उनको यूट्यूब से सुनने लगा।

साथ ही साथ मेने YouTube से श्रीमद भगवद गीता की ऑडियो निकाल कर फ़ोन में डाउनलोड किया, कई दिनों तक बार बार सुनता रहा जब भी समय मिलता।

फिर उपनिषद

फिर श्रीमद भागवत महा पुराण

परिणाम ये हुआ कि –

आज में उन्ही दोस्तों के बीच में अगर कभी आ भी जाता हूँ जब वो पार्टी करते है, तो मेरी तब भी इच्छा नहीं होती। मन ही नहीं करता। शादी, पार्टी में जाता हूँ तब भी बिना पिए शायद उन लोगो से ज्यादा आनंद लेता हूँ। हरे कृष्ण, हरे राम।

तो अगर आप Google में मिल रहे फॉर्मूले जैसे कि सल्फर से शराब कैसे छुड़ाएं?, अजवाइन से शराब कैसे छुड़ाएं? तुलसी से शराब कैसे छुड़ाएं? दारू कैसे छुड़ाए घरेलू उपाय, पति की शराब कैसे छुड़ाएं, पतंजलि शराब छुड़ाने की दवा, शराब छुड़ाने का रामबाण उपाय या पतंजलि शराब छुड़ाने की दवा इत्यादि को सर्च कर रहे है? तो मेरे इस तरीके को अपनाकर देखे –

पति की शराब कैसे छुड़ाएं –

पक्का नहीं हूँ, सिर्फ एक आईडिया है।

आप अपने पति से श्रीमद भगवद गीता का पाठ करने को कहे। पीने को बिलकुल न रोके। इस्कॉन मंदिर के प्रभु और माताओ के प्रवचन जरूर सुने या सुनाये ।
या
श्रीकृष्णा सीरियल से श्रीमदभगवद गीता वाला भाग को बार-बार देखे, जब पति घर पर हो, ताकि भगवान् की वाणी के शब्द उनके कान में जाए।
या
श्रीमदभगवद गीता की ऑडियो बुक डाउनलोड करके घर में चलने दे।

फिर
यही काम श्रीमद भागवत कथा जिसमे कोई म्यूजिक या शोर न हो उसे भी सुने। इस्कॉन मंदिर के निस्वार्थ भाव से सेवा देने वाले सन्यासियों के वचन भी सुने या सुनाये।

श्रीहनुमान चालीसा पढ़े –

आप हर रोज़ श्री हनुमान चालीसा का पाठ करे और संकल्प ले कि आपको बुरी लत छोड़नी है, धीरे धीरे आपका स्वयं पीने का मन नहीं करेगा। ये सबसे आसान विधि है किसी भी लत को छोड़ने की।

याद रखें, शराब छोड़ना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें धैर्य, दृढ़ संकल्प और समर्थन की आवश्यकता होती है। अपने आप के प्रति दयालु रहें और रास्ते में असफलताओं का अनुभव होने पर हार न मानें।

फिर ईश्वर की कृपा आप खुद अनुभव करेंगे, ऐसा मेरा विश्वास है। ज्यादा कुछ बोलना अतिश्योक्ति होगी। और अपने प्रभु के बारे ये दास अब क्या बोले ।

Leave a comment