6G Technology in India – एक TeraByte प्रति सेकंड का ट्रांसफर

दूरसंचार मोबाइल इंटरनेट कम्युनिकेशन में, 6G छठी पीढ़ी का मोबाइल इंटरनेट है जो वर्तमान में वायरलेस कनेक्टिविटी के लिए अभी Development Mode में है। यह 5G के बाद मिलेगा या आगे की कड़ी है। और संभवतः 5G 1000 गुना से अधिक तेज होगा। यह वर्ष 2030 तक उपलब्ध हो सकता है। सूत्रों के अनुसार सैमसंग और क्वालकॉम को सब-टेराहर्ट्ज़ फ़्रीक्वेंसी के साथ टेस्टिंग करने के लिए लाइसेंस दिए गए हैं

6G Technology in India – एक TeraByte प्रति सेकंड का ट्रांसफर
6G किस तकनीक का उपयोग करता है? जाने फ्रीक्वेंसी और स्पीड। क्या 6G Technology मौजूद है? किस देश में 6G है? क्या 6G 5G से बेहतर है?

6G शुरू भी नहीं हुआ है, सुना है जापान 6G Technology की टेस्टिंग कर रहा है। एशिया टाइम्स वेबसाइट के अनुसार – Japan to launch 6G experimental trials with Nokia

6जी तकनीक के नीचे दिए गए लाभों में हो सकते है। –

  • यहाँ आपको एक Terabyte प्रति सेकंड की दर से डाटा स्पीड मिल सकती है।
  • आप ज्यादा से ज्यादा डिवाइस आप में इंटरनेट के द्वारा जोड़ सकते है।
  • इंटरनेट टीवी, ट्रांसपोर्ट, सिक्योरिटी और अस्पताल में सबसे अच्छा उपयोग
  • सुना है 6G एक अलग स्पेक्ट्रम पर कार्य करेगा जिसकी फ्रीक्वेंसी 95 GHz से लेकर 3 THz (300GHz ) (Source: FCC) तक हो सकती है।
  • यह फ्रीक्वेंसी 95 GHz से लेकर 3 THz एक terabyte प्रति सेकंड की दर से डाटा को ट्रांसफर कर सकती है।
  • 8K Resolution वाले Television सेट मार्किट में उपलब्ध होंगे।
  • इसमें विशाल नेटवर्क मिलने वाला है क्युकी ये फ्रीक्वेंसी बहुत दूर तक ट्रेवल कर सकती है।
  • 6G Technology – Terahertz में डाटा ट्रांसफर होगा।

6जी तकनीक के नुकसान:

  • 6G Technology अभी इस्तेमाल में ही नहीं है।
  • नयी तकनीक होने से नयी डिवाइस महंगी होगी।
  • अभी compatibility issues होगा।
  • यूजर की गोपनीयता खतरे में होगी, ये कोई भी हैकर अगर किसी का मोबाइल या लैपटॉप हैक करता है तो सेकंड में आपकी हार्ड ड्राइव कॉपी कर सकता है।

ये भी जानेभारत में 5G का विस्तार दुनिया में सबसे तेज हुआ है।

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