क्या भीमराव आंबेडकर जी को संस्कृत आती थी?

आंबेडकर जी को संस्कृत का ज्ञान – भीमराव अम्बेडकर एक विद्वान थे, इसमें कोई संदेह नहीं है।  भीमराव आम्बेडकर ने अपनी शिक्षा जीवन में अंग्रेजी साहित्य, संवैधानिक लेखन और न्यायशास्त्र पर विशेष ध्यान दिया था। उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट डिग्री प्राप्त की थी और अंग्रेजी भाषा में कई Books लिखे थे। उन्होंने भारत की संविधान तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई थी। उनकी विद्वता की गहराई का अनुमान उनकी लेखनी से लगाया जा सकता है, जो न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

क्या भीमराव आंबेडकर जी को संस्कृत आती थी?
भीमराव आंबेडकर जी ने अपनी किताब में खुद लिखा था कि उन्हें सस्कृत का ज्ञान नहीं है । उनकी किताब "शूद्र कौन थे?" का तीसरा पृष्ठ देख सकते है Who are shudras pdf in hindi, Who were the Shudras in Hindi, Manu AND the Shudras pdf in hindi, Who were Shudras chapter 1 paragraph 3

उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया था और उन्हें “भारतीय संविधान के पिता” के रूप में जाना जाता है। भीमराव आंबेडकर जी ने अपनी किताब में खुद लिखा था कि उन्हें संस्कृत का ज्ञान नहीं है । डॉ भीमराव अंबेडकर की किताब “शूद्र कौन थे?” का नीचे दिया गया तीसरा पृष्ठ देख सकते है ।

अगर आपको लगता है कि ये पेज गलत है तो आप इंटरनेट से कही से भी पीडीऍफ़ बुक डाउनलोड करके वेरीफाई कर सकते है।

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भीमराव आंबेडकर जी ने अपनी किताब में खुद लिखा था कि उन्हें सस्कृत का ज्ञान नहीं है । उनकी किताब "शूद्र कौन थे?" का तीसरा पृष्ठ देख सकते है
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अगर आपके पास कोई और तथ्य है तो कमेंट में बता दीजिये शामिल कर लेंगे ।

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मेरा व्यक्तिगत विचार है कि –

भारत पर मुगल साम्राज्य का शासन के कारण समाज में जातिवाद जैसी प्रथाएं फैली।

हो सकता है कि मुग़ल दरवार में नौकरी करने वाले लोगो को अभक्ष्य खाना अनिवार्य हो, और उस कारण से समाज के लोग, उन विशेष कुछ लोगो से दूर रहने लगे हो, फिर इस दूरी का फायदा से अंग्रेजो ने भी फ़ूट डालो और राज करो की नीति से शासन जमाया हो, जैसे कि –

भारत के ही कुछ लोगो ने अंग्रेजी सेना में भर्ती होकर मराठों से युद्द किया था, जिसमे गायों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया था, गाय बचाने के परिणामस्वरूप युद्ध में मराठा हार गए।

तो आप स्वयं सोचिये जो लोग गायों को ढाल बना सकते है, तो क्या वे खाते नहीं होंगे? और अगर खा सकते है तो क्या सनातन समाज उनसे दूरी नहीं बनाता ? जिसका फल निर्दोष पूरी की पूरी जातियों और गाँवो को अस्पृश्यता के रूप में भुगतना पड़ा. जिस अस्पृश्यता का उल्लेख श्री भीमराव अम्बेडकर जी ने भी अपनी किताब में किया है।

लेकिन भूतकाल का सत्य किसे पता ?

आप स्वयं सोचिये और कमेंट कीजिये।

 


 

FAQs –

क्या डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ‘संस्कृत’ जानते थे?

ऊपर दी गयी किताब के अनुसार डॉ.बाबासाहेब ने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें संस्कृत का ज्ञान नहीं है। अन्य किताबो में अगर स्वीकार किया हो तो हमें उसका ज्ञान नहीं है। आप कमेंट में बताकर सहायता कर सकते है।

क्या अम्बेडकर को संस्कृत आती थी?

ऊपर दी गयी किताब के अनुसार डा. बाबा साहब ने स्वीकार किया है कि उन्हें संस्कृत का ज्ञान नहीं है। अन्य किताबो में अगर स्वीकार किया हो तो हमें उसका ज्ञान नहीं है। आप कमेंट में बताकर सहायता कर सकते है।

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को क्या कहा जाता है?

डॉक्टर अम्बेडकर को संविधान का जनक कहा जाता है.

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