नए भारत का पहला एलिवेटेड शहरी एक्सप्रेसवे

2014 के प्रधानमंत्री के चुनाव में एक चुनावी नारा बड़ा प्रसिद्द हुआ था कि अच्छे दिन आने वाले है। उस समय विश्वास नहीं हुआ था। क्युकी नेता घोषणा करते थे चुनाव जीतने के लिए, काम करने के लिए नहीं।

नए भारत का पहला एलिवेटेड शहरी एक्सप्रेसवे
Know about India's first elevated highway or elevated expressway Eight-Lane Access Control Urban Expressway Delhi Dwarka Expressway

लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने घोषणा पत्र की जगह संकल्प पत्र जारी किया, संकल्प अर्थात किसी भी संकल्प पूरा करने का वचन लेना अपने आप में ही बहुत बड़ा संकल्प है। नितिन गडकरी जी की तारीफ विरोधी पार्टी के लोग भी करते नहीं थकते है, उन्होंने और BJP ने देश के लिए जो कर दिया वो कल्पना से परे है। इस बात का अंदाज़ा पडोसी देशो की हालत देखकर लगाया जा सकता है।

नए भारत देश का पहला एलिवेटेड एक्‍सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 के पास दिल्‍ली के महिपालपुर में शिव मूर्ति के पास से शुरू होगा, द्वारका अर्बन एक्सटेंशन रोड, जो द्वारका अर्बन एक्सटेंशन रोड से बजघेरा होते हुए बसई रेल से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर गुरुग्राम खेड़की-दौला गांव के पास बने टोल प्लाजा तक होगा। यह द्वारका की तरफ से द्वारका एक्सप्रेसवे के जरिये इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिये संपर्क सुविधा प्रदान करेगा.

एलिवेटेड एक्सप्रेसवे क्या है?

एलिवेटेड एक्सप्रेसवे, जिसे एलिवेटेड हाईवे या एलिवेटेड फ्रीवे के रूप में भी जाना जाता है, एक प्रकार का सड़क मार्ग है जो जमीनी स्तर से ऊपर बनाया जाता है, आमतौर पर खंभों या स्तंभों द्वारा समर्थित होता है। यह मोटर वाहनों के लिए एक समर्पित मार्ग प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो उन्हें पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और स्थानीय सड़क यातायात जैसे परिवहन के अन्य साधनों से अलग करता है क्योंकि उन्हें यातायात संकेतों या स्थानीय सड़क चौराहों से संघर्ष नहीं करना पड़ता है।

एलिवेटेड एक्सप्रेसवे आमतौर पर शहरी इलाकों में बनाए जाते हैं जहां जमीन सीमित या भीड़भाड़ वाली होती है। जमीन के ऊपर सड़क का निर्माण, यह अतिरिक्त लेन प्रदान करके और चौराहों पर संघर्ष को कम करके यातायात की भीड़ को कम करने में मदद करता है। इस प्रकार के बुनियादी ढाँचे का उपयोग अक्सर प्रमुख राजमार्गों को जोड़ने, अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को बायपास करने, या घनी आबादी वाले शहरी केंद्रों के माध्यम से सीधा मार्ग प्रदान करने के लिए किया जाता है।

कुल लागत –

श्री नितिन गडकरी ने बताया कि परियोजना की कुल लागत 9000 करोड़ रुपये है और कार्य 75-90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है.

एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की विशेषताएं –

  1. यह 29 किमी लंबाई का देश का पहला एलिवेटेड 8-लेन एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे है
  2. यह हरियाणा में 18.9 किमी सिंगल पिलर पर 34 मीटर चौड़ा और यह दिल्ली में 10.1 किमी लंबाई का बन रहा है.
  3. द्वारका एक्सप्रेसवे पर MCD टोल Tax का काम पूरी तरह से Automatic होगा
  4. यह परियोजना दक्ष परिवहन प्रणाली (आईटीएस) से युक्त होगी
  5. इस एक्सप्रेस वे का रोड नेटवर्क चार स्तर का है- टनल, अंडरपास, ग्रेड रोड, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर के ऊपर फ्लाईओवर बन रहा है.
  6. एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 3-लेन की सर्विस रोड बनाई जा रही है
  7. दिल्ली में देश की सबसे चौड़ी 3.6 किमी लंबाई की 8-लेन टनल बनाई जा रही है
  8. इससे हरियाणा और पश्चिम दिल्ली के लोगों की इंदिरा गांधी इंटरनैशनल हवाई अड्डे से कनेक्टिविटी अच्छी होगी
  9. हरियाणा में यह एक्सप्रेसवे पटौदी रोड (एसएच-26) में हरसरू के पास और फरूखनगर (एसएच-15 ए) में बसई के पास इंटरसेक्ट करेगा
  10. यह दिल्ली-रेवाड़ी रेललाईन में गुड़गांव सेक्टर-88 (बी) के पास और भरथल में UER-II को भी क्रास करेगा
  11. एक्सप्रेसवे के गुड़गांव के सेक्टर – 88, 83, 84, 99, 113 से होते हुए द्वारका सेक्टर-21 के साथ ग्लोबल सिटी से गया है।

तो यहाँ आपने जाना कि नए भारत का पहला एलिवेटेड शहरी एक्सप्रेसवे द्वारका एक्सप्रेसवे है। यह दिल्ली में महिपालपुर को हरियाणा के खेरकी दौला टोल प्लाजा से जोड़ता है। यह आठ लेन का एक्सप्रेसवे है, जो शहरी एक्सप्रेसवे के लिए बनाया गया है। इसकी कुल लंबाई 29.10 किमी है, जिसमें से 18.9 किमी गुड़गांव में और 10.1 किमी दिल्ली में है ।

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