बटेंगे तो कटेंगे श्रेणी के अंतर्गत आज एक और हिन्दू के कटने की खबर को आपके समक्ष रखेंगे, कि कैसे निकाह पक्का होने पर बिलाल ने उमा का सिर काट लिया ।
यह खबर जागरण समाचार पत्र में 16 दिसंबर को प्रकाशित की गयी, कि कैसे बिलाल उमा एक हिन्दू युवती को घर से भगाकर अपने साथ ले गया और उसे दो साल में लिव इन में रखने के बाद, एक दिन उसका गाडी में पीछे से उसका गला दबाकर हत्या कर देता है और बाद में उसका सिर काटकर जंगल में फेक देता है, ताकि लाश को जानवर खा जाए।

ये उन माता पिता के मुँह पर तमाचा है जो न तो अपने बच्चो को धर्म की शिक्षा देते है ताकि उनमे स्वयं का विवेक हो, और न ही उन्हें भविष्य के खतरे के बारे में जानकारी देते है, क्युकी वे स्वयं भी विवेक शुन्य होकर जीवन भर पैसा-पैसा करते रहते है।
ये बातें अवश्य समझनी चाहिए कि –
1. अगर बच्चो के बेहतर भविष्य का श्रेय माता पिता को जाता है, तो किसी बहरूपियाँ के जाल में फसकर कटने या मरने का श्रेय किस को दिया जाना चाहिए?
2. अगर कोई लड़की घर से भाग जाती है तो उसका श्रेय किस को दिया जाना चाहिए?
3. जब लिव इन रिलेशन शिप में इतने हत्याकांड सामने आ रहे है तो क्या सरकार या कोर्ट कोई जिम्मेदारी नहीं है ?
मुख्य रूप से जिम्मेदारी ?
मुख्यरूप से जिम्मेदारी क्या उनकी नहीं बनती जो हिन्दुओ को तोड़कर अलग धर्मो उन्हें बदल रहे है, फिर वे परिवार एक एक करके भाइयों के चारा बन रहे है। वे नेता कहाँ है जो श्रीरामचरितमानस को जलाते है?
अगर वे ऐसे समय में भी चुप है तो सोचिये वे जाति, आरक्षण के नाम पर कैसे परिवार के परिवार कटवा रहे है। शायद ही कोई पार्टी होगी जो इस लड़की के लिए आंदोलन करे, उसके परिवार को एक करोड़ रुपये दे, या दोषी की सजा के लिए ट्रैक्टर आंदोलन करे।
सत्य घटना क्या है ?
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के बिलाल को यमुनानगर पुलिस ने उमा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। बिलाल उसके बॉयफ्रेंड ने ३० साल की उमा की हत्या कर शव को ठिकाने लगाया था। पुलिस ने उमा का सिर बरामद कर लिया है। बिलाल और उमा दो साल से लिव-इन में थे, लेकिन बिलाल दूसरी शादी करने जा रहा था जिसका उमा विरोध कर रही थी।
